विधायक सोनाराम सिंकु की अनुशंसा पर पथ निर्माण विभाग की टीम ने किया सर्वे, नया डीपीआर बनाकर विभाग को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
जगन्नाथपुर। जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र के लोगों के लिए लंबे इंतजार के बाद बड़ी राहत की उम्मीद जगी है। विधायक सह पश्चिमी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष एवं झारखंड सरकार के उपमुख्य सचेतक सोनाराम सिंकु की अनुशंसा पर विधानसभा क्षेत्र की तीन महत्वपूर्ण एवं वर्षों से जर्जर सड़कों के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण की दिशा में शुक्रवार को पथ निर्माण विभाग की टीम ने स्थल सर्वे का कार्य पूरा किया।

सड़कों का सर्वे होने के बाद अब संबंधित मार्गों के लिए नया डीपीआर (विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन) तैयार किया जाएगा। इसके बाद विभागीय स्तर पर आगे की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। सर्वे के बाद ग्रामीणों में भी वर्षों पुरानी सड़क निर्माण की मांग पूरी होने को लेकर उत्साह है।

करीब 20 किलोमीटर जर्जर सड़क का हुआ सर्वे
नोवामुंडी प्रखंड क्षेत्र में जेटेया मोड़ से जेटेया बाजार चौक तथा जेटेया बाजार चौक से कोठगढ़ बस स्टैंड चौक तक की सड़क का सर्वे किया गया। यह पूरा मार्ग लगभग 20 किलोमीटर लंबा बताया जा रहा है और इसके आसपास करीब 40 से 50 गांवों की बड़ी आबादी का आवागमन निर्भर है।
वर्षों से सड़क की हालत खराब रहने के कारण ग्रामीणों को बरसात के दिनों में विशेष परेशानी झेलनी पड़ती है। सड़क निर्माण होने से इस क्षेत्र की बड़ी आबादी को सीधे तौर पर आवागमन की बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।
बुरूसाई से तोंडागहातु तक भी सड़क का सर्वे
इसी क्रम में जगन्नाथपुर प्रखंड के ग्राम जिन्तुगाड़ा, टोला बुरूसाई से ग्राम तोंडागहातु स्थित पीडब्ल्यूडी मुख्य सड़क तक सड़क के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए भी सर्वे किया गया।
इसके अलावा जगन्नाथपुर-जैतगढ़ मार्ग से बुरूसाई, मालुका रेलवे स्टेशन होते हुए एनएच-320 से संपर्क को बेहतर बनाने की दिशा में भी विभागीय स्तर पर स्थल निरीक्षण किया गया।

पथ निर्माण विभाग की चार सदस्यीय टीम ने किया निरीक्षण
सर्वे के दौरान पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार चौधरी, एसडीओ सुनील कुमार श्रीवास्तव, कनीय अभियंता मोनू कुमार पांडेय एवं सर्वेयर प्रिंस पटेल मौजूद रहे।
टीम ने सड़क की वर्तमान स्थिति, चौड़ाई, क्षतिग्रस्त हिस्सों और प्रस्तावित निर्माण से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं का जायजा लिया।
विधायक ने मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया था मामला
विधायक सोनाराम सिंकु ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र भेजकर जनहित में विधानसभा क्षेत्र की इन महत्वपूर्ण सड़कों के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण की मांग की थी।
उन्होंने कहा था कि ये सड़कें आसपास के दर्जनों गांवों को जोड़ने के साथ-साथ एनएच-320, प्रखंड एवं अनुमंडल मुख्यालय, मालुका रेलवे स्टेशन और पीडब्ल्यूडी की मुख्य सड़कों से संपर्क स्थापित करती हैं। सड़क की खराब स्थिति के कारण ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो रहा है और यह मार्ग ग्रामीण क्षेत्र की लाइफलाइन के रूप में महत्वपूर्ण है।

तीन प्रमुख सड़कों के लिए विधायक की मांग
विधायक की ओर से मुख्यमंत्री के समक्ष मुख्य रूप से तीन योजनाओं को रखा गया था—
1. जेटेया मोड़ से जेटेया बाजार चौक तक सड़क निर्माण
हाटगम्हरिया-नोवामुंडी एनएच-320 मुख्य सड़क के जेटेया मोड़ से जेटेया बाजार तक सड़क का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण।
2. कोठगढ़ बस स्टैंड चौक से जेटेया बाजार तक सड़क निर्माण
एनएच-320 कोठगढ़ बस स्टैंड चौक से जेटेया बाजार चौक तक सड़क का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण।
3. जिन्तुगाड़ा-बुरूसाई से तोंडागहातु तक सड़क निर्माण
जगन्नाथपुर प्रखंड के ग्राम जिन्तुगाड़ा टोला बुरूसाई से ग्राम तोंडागहातु स्थित पीडब्ल्यूडी मुख्य सड़क तक सड़क का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण।
सर्वे के बाद अब डीपीआर की तैयारी
विभागीय टीम द्वारा सर्वे पूरा किए जाने के बाद अब तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर नया डीपीआर तैयार किया जाएगा। डीपीआर विभाग को सौंपे जाने के बाद सड़क निर्माण से संबंधित अगली विभागीय प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से सड़क की बदहाली के कारण उन्हें जिस परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, वह अब समाप्त होने की उम्मीद दिखाई दे रही है।

सड़क बनेगी तो बदल जाएगी क्षेत्र की तस्वीर
50 हजार से अधिक लोगों को सीधा लाभ
इन सड़कों के निर्माण से नोवामुंडी और जगन्नाथपुर प्रखंड के दर्जनों गांवों की बड़ी आबादी को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलने की उम्मीद है। करीब 40-50 गांवों के लोगों के लिए यह सड़क संपर्क का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।
मरीजों को अस्पताल पहुंचने में मिलेगी राहत
जर्जर सड़क के कारण गंभीर मरीजों को अस्पताल अथवा प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचाने में काफी परेशानी होती है। सड़क दुरुस्त होने से मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को समय पर स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाना आसान होगा।
बच्चों की पढ़ाई को मिलेगा सहारा
सड़क बेहतर होने से गांवों से स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को आवागमन में सुविधा होगी। बरसात में सड़क खराब होने के कारण पढ़ाई प्रभावित होने की समस्या भी काफी हद तक कम हो सकती है।
मालुका रेलवे स्टेशन तक पहुंच होगी आसान
सड़क संपर्क बेहतर होने से ग्रामीणों को मालुका रेलवे स्टेशन तक पहुंचने में सहूलियत होगी। इससे नौकरी, व्यापार, शिक्षा और अन्य जरूरी कार्यों के लिए बाहर जाने वाले लोगों को लाभ मिलेगा।
बाजार और व्यापार को मिलेगा नया रास्ता
जेटेया बाजार समेत आसपास के ग्रामीण बाजारों में किसानों और छोटे व्यापारियों की आवाजाही बढ़ने से स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। गांवों में उत्पादित कृषि एवं अन्य सामान को बाजार तक पहुंचाना आसान होगा।
एनएच-320 से मजबूत होगा संपर्क
सड़क निर्माण से ग्रामीण इलाकों का एनएच-320 से संपर्क और मजबूत होगा। इससे नोवामुंडी, जगन्नाथपुर और आसपास के क्षेत्रों के बीच आवागमन अधिक सुगम हो सकेगा।
आपातकाल में भी महत्वपूर्ण साबित होगी सड़क
बेहतर सड़क केवल सामान्य आवागमन का साधन नहीं होगी, बल्कि दुर्घटना, स्वास्थ्य संकट, प्रशासनिक आपदा या अन्य आपात स्थिति में भी राहत एवं बचाव कार्य को तेज करने में मददगार साबित होगी।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
सड़क अच्छी होने से गांवों से बाजार तक पहुंच आसान होगी। इससे कृषि उपज, स्थानीय उत्पाद, छोटे व्यवसाय और ग्रामीण रोजगार को अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा मिलने की संभावना है।
वर्षों पुरानी मांग पूरी होने की जगी उम्मीद
ग्रामीणों के लिए सबसे बड़ी बात यह है कि जिस सड़क के निर्माण की मांग लंबे समय से उठती रही, उसके लिए अब विभागीय स्तर पर सर्वे पूरा हो चुका है। इससे लोगों को उम्मीद है कि जर्जर सड़क की जगह चौड़ी, मजबूत और बेहतर सड़क का सपना जल्द धरातल पर उतर सकता है।
सर्वे के बाद ग्रामीणों की निगाह अब डीपीआर, स्वीकृति और निर्माण कार्य शुरू होने की अगली प्रक्रिया पर टिकी है।














