21 अक्टूबर की रात 8 बजे सजेगा विजयादशमी का महोत्सव, भगवान राम-सीता-लक्ष्मण और वानर सेना की शोभायात्रा बनेगी आकर्षण
झारखंड, ओड़िशा, बंगाल और बिहार से उमड़ते हैं हजारों श्रद्धालु व दर्शक, घंटों होगी आतिशबाजी
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
मेघाहातुबुरु। सारंडा की लौह नगरी मेघाहातुबुरु में विजयादशमी के अवसर पर आयोजित होने वाला ऐतिहासिक रावण दहन कार्यक्रम एक बार फिर भव्यता और आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है। मेघाहातुबुरु दुर्गा पूजा कमेटी के तत्वावधान में आगामी 21 अक्टूबर की रात 8 बजे से विशाल रावण दहन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन को लेकर पूजा कमेटी के सदस्यों, सेल कर्मियों और ठेका श्रमिकों में खासा उत्साह है। लगभग 65 फीट ऊंचे विशाल रावण के पुतले का निर्माण करीब ढाई लाख रुपये की लागत से किया जा रहा है।

65 फीट ऊंचा रावण, निर्माण में जुटे सेल कर्मी और ठेका श्रमिक
मेघाहातुबुरु के इस भव्य आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण लगभग 65 फीट ऊंचा रावण का पुतला होगा। इसकी खासियत यह है कि इसके निर्माण की जिम्मेदारी सेल मेघाहातुबुरु के कर्मियों और ठेका श्रमिकों ने स्वयं संभाल रखी है। सामूहिक मेहनत, आपसी सहयोग और धार्मिक आस्था के साथ पुतले को आकर्षक रूप देने का काम किया जा रहा है।
पुतला निर्माण में राज नारायण शर्मा, मनोज पासवान, रमेश माझी, सुरेश कांडेयांग, महेंद्र गोप, मार्शल और जमादार सहित अन्य लोग सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। लगभग ढाई लाख रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह विशाल पुतला आयोजन की भव्यता को एक अलग पहचान देगा।
श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के साथ निकलेगी भव्य शोभायात्रा
रावण दहन से पहले भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के साथ पूरी वानर सेना की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। धार्मिक उत्साह और पारंपरिक उल्लास के बीच निकलने वाली इस शोभायात्रा में रामायण के प्रसंगों की झलक देखने को मिलेगी।
शोभायात्रा के बाद भगवान श्रीराम के हाथों रावण वध का मंचन और विशाल पुतले का दहन कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण होंगे। इस दौरान उपस्थित श्रद्धालु बुराई पर अच्छाई की जीत और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश ग्रहण करेंगे।
घंटों गूंजेगी आतिशबाजी, रोशनी से जगमगाएगा आयोजन स्थल
रावण दहन कार्यक्रम के दौरान घंटों तक आतिशबाजी की जाएगी। रंग-बिरंगी आतिशबाजी और विशाल रावण के पुतले के दहन का दृश्य दर्शकों के लिए खास आकर्षण रहेगा। हर वर्ष की तरह इस बार भी आयोजन को यादगार बनाने के लिए तैयारियां की जा रही हैं।
मेघाहातुबुरु का यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपरा, सामूहिक सहभागिता और सामाजिक एकजुटता का भी प्रतीक बन चुका है।
कई राज्यों से पहुंचते हैं दर्शक, रावण दहन का रहता है बेसब्री से इंतजार
मेघाहातुबुरु में होने वाले इस भव्य रावण दहन को देखने के लिए झारखंड के अलावा ओड़िशा, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार आदि राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। विशाल पुतले, भव्य शोभायात्रा और आतिशबाजी के कारण इस आयोजन ने दूर-दराज के क्षेत्रों में भी अपनी अलग पहचान बनाई है।
हर वर्ष लोगों को इस कार्यक्रम का इंतजार रहता है। परिवारों के साथ पहुंचने वाले दर्शकों के लिए यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ मनोरंजन और सांस्कृतिक उत्सव का भी अवसर बनता है।
आस्था, परंपरा और सामूहिक मेहनत का प्रतीक है मेघाहातुबुरु का आयोजन
मेघाहातुबुरु दुर्गा पूजा कमेटी के तत्वावधान में आयोजित होने वाला यह रावण दहन कार्यक्रम क्षेत्र की वर्षों पुरानी धार्मिक-सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सेल कर्मियों और ठेका श्रमिकों की भागीदारी इस आयोजन को और खास बनाती है।
21 अक्टूबर की रात 8 बजे होने वाले इस भव्य रावण दहन में विशाल पुतले का दहन, भगवान श्रीराम की शोभायात्रा और आकर्षक आतिशबाजी मुख्य आकर्षण रहेंगे। आयोजन को लेकर क्षेत्र के लोगों में उत्साह का माहौल है और दर्शकों को एक यादगार विजयादशमी उत्सव का इंतजार है।









