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सारंडा-कोल्हान के 14 वनग्रामों की बदलेगी तस्वीर! राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने की कवायद तेज, नवंबर अंत तक मांगी गई अंतिम रिपोर्ट

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सारंडा के 10 और कोल्हान के 4 वनग्रामों को राजस्व ग्राम बनाने की दिशा में जिला प्रशासन सक्रिय | उपायुक्त मनीष कुमार ने अभिलेखों, खतियान, नक्शों और प्लॉटिंग रिकॉर्ड के सत्यापन का दिया निर्देश

रिपोर्ट : शैलेश सिंह

चाईबासा, 1 नवंबर। दशकों से जंगलों के बीच अपनी पुश्तैनी जमीन पर बसे सारंडा और कोल्हान के 14 वनग्रामों के लिए एक बड़ी उम्मीद जगी है। इन गांवों को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने की दिशा में पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन ने अपनी कवायद तेज कर दी है। यदि प्रशासनिक प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ती है, तो वर्षों से वनग्राम की पहचान के साथ जीवन गुजार रहे हजारों ग्रामीणों को अपनी जमीन, आवास और सामुदायिक अधिकारों को लेकर नई संभावनाएं मिल सकती हैं।

इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर जिला समाहरणालय में उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वनग्रामों को राजस्व ग्राम में परिवर्तित करने की प्रक्रिया, उपलब्ध दस्तावेजों और तकनीकी पहलुओं पर गंभीरता से चर्चा हुई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को नवंबर माह के अंत तक अंतिम प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का स्पष्ट निर्देश दिया है।

सारंडा के 10, कोल्हान के 4 वनग्राम सूची में

जिला प्रशासन द्वारा चिह्नित 14 वनग्रामों में सारंडा वन क्षेत्र के 10 और कोल्हान वन क्षेत्र के 4 गांव शामिल हैं।

सारंडा वन क्षेत्र के 10 वनग्राम:

  1. थोलकोवाद
  2. तिरिलपोसी
  3. नवागांव-1
  4. नवागांव-2
  5. बिटकल सोय
  6. दीघा
  7. बलिवा
  8. करमपदा
  9. बनगांव
  10. कुमुदी

कोल्हान वन क्षेत्र के 4 वनग्राम:

  1. तुम्बाहाका
  2. राजाबासा
  3. रंगामाटी
  4. हुसुपी

इन सभी गांवों को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक अभिलेखों और प्रक्रियाओं की जांच शुरू की गई है।

नक्शा, प्लॉटिंग रिकॉर्ड और पुराने दस्तावेजों की होगी पड़ताल

बैठक में केवल कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बजाय वनग्रामों की वास्तविक भौगोलिक एवं राजस्व स्थिति का आकलन करने पर जोर दिया गया। इसके लिए उपलब्ध मानचित्रों, वनग्राम अधिसूचनाओं, प्लॉटिंग रिकॉर्ड और अन्य संबंधित दस्तावेजों की समीक्षा की गई।

उपायुक्त मनीष कुमार ने अपर उपायुक्त एवं संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि उपलब्ध अभिलेखों का विस्तृत सर्वेक्षण और सत्यापन किया जाए। दस्तावेजों में किसी प्रकार की विसंगति या तकनीकी समस्या होने पर उसका भी गंभीरता से परीक्षण किया जाए, ताकि अंतिम प्रतिवेदन ठोस तथ्यों और नियमानुसार तैयार हो सके।

नवंबर के अंतिम सप्ताह तक इस पूरी कवायद का प्रतिवेदन जिला कार्यालय को सौंपने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ हो सकेगा।

वन अधिकार अधिनियम-2006 के प्रावधानों पर जोर

बैठक में उपायुक्त ने वन अधिकार अधिनियम-2006 और इसके अंतर्गत अधिसूचित नियमों के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि वन क्षेत्रों में लंबे समय से निवास करने वाले पात्र व्यक्तियों और समुदायों के व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वन अधिकारों को मान्यता देने की व्यवस्था है।

इसके तहत पात्र लाभार्थियों को व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वन अधिकारों के पट्टे देने के साथ वनग्रामों को चिह्नित कर राजस्व ग्राम में परिवर्तित करने का भी प्रावधान है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के मार्गदर्शन और कानून के प्रावधानों के अनुरूप सभी तकनीकी एवं प्रशासनिक पहलुओं की जांच कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

समीक्षा बैठक में सारंडा वन प्रमंडल पदाधिकारी अभिरूप सिन्हा, उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार तथा अपर उपायुक्त किस्टो कुमार बेसरा सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

अब नवंबर के अंत की रिपोर्ट पर टिकी निगाहें

सारंडा और कोल्हान के इन 14 वनग्रामों को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने की मांग लंबे समय से ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा रही है। वनग्राम से राजस्व ग्राम में परिवर्तन की प्रक्रिया आगे बढ़ने से ग्रामीणों के प्रशासनिक एवं राजस्व संबंधी अधिकारों को व्यवस्थित मान्यता मिलने की संभावनाएं बनेंगी।

हालांकि, अभी यह प्रक्रिया समीक्षा, अभिलेख सत्यापन और अंतिम प्रतिवेदन तैयार करने के चरण में है। राजस्व ग्राम का दर्जा मिलने की अंतिम कार्रवाई संबंधित कानूनी एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं के पूरा होने पर निर्भर करेगी।

फिलहाल सारंडा और कोल्हान के ग्रामीणों की निगाहें नवंबर के अंत तक तैयार होने वाली प्रशासनिक रिपोर्ट पर टिकी हैं। अब देखना होगा कि वर्षों से लंबित इस महत्वपूर्ण पहल को जिला प्रशासन कितनी तेजी और गंभीरता से अंतिम मंजिल तक पहुंचाता है।

SINGHBHUMHALCHAL NEWS

सिंहभूम हलचल न्यूज़ एक स्थानीय समाचार मंच है, जो पश्चिमी सिंहभूम, झारखंड से सटीक और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए समर्पित है। यह राजनीति, अपराध, मौसम, संस्कृति और सामुदायिक मुद्दों को हिंदी में कवर करता है।

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