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सारंडा में निर्णायक घेराबंदी: मिसिर बेसरा टारगेट पर, नक्सलियों की बौखलाहट में आईईडी ब्लास्ट और ताबड़तोड़ फायरिंग

On: April 16, 2026 1:26 PM
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500 मीटर दूर से LMG और AK-47 से हमला, सुरक्षाबलों का पलटवार तेज

रिपोर्ट: शैलेश सिंह

झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के घने सारंडा जंगल में नक्सलियों के खिलाफ चल रहा अभियान अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। सुरक्षाबलों ने कुख्यात नक्सली कमांडर मिसिर बेसरा को टारगेट करते हुए चारों ओर से घेराबंदी तेज कर दी है। इसी दबाव में बौखलाए नक्सलियों ने गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे बाबूडेरा जंगल में आईईडी विस्फोट कर सुरक्षाबलों को निशाना बनाया, जिसमें कोबरा बटालियन-210 के जवान अभिनव कुमार मित्तल गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के तुरंत बाद घायल जवान को एयरलिफ्ट कर रांची भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।

घने जंगल में जंग: 500 मीटर दूरी से ताबड़तोड़ फायरिंग

सूत्रों के अनुसार, छोटानागरा थाना क्षेत्र के बालिबा और आसपास के इलाकों में नक्सलियों ने करीब 500 मीटर की दूरी से ही LMG और AK-47 जैसे अत्याधुनिक हथियारों से सुरक्षाबलों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
यह फायरिंग साफ तौर पर इस बात का संकेत है कि नक्सली किसी भी कीमत पर अपने शीर्ष नेता मिसिर बेसरा को बचाने की कोशिश में हैं। हालांकि, सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई को और आक्रामक बना दिया है।

बुधवार से लगातार मुठभेड़, पांच जवान पहले ही हो चुके हैं घायल

इस पूरे ऑपरेशन की शुरुआत बुधवार सुबह से ही हो गई थी। बालिबा क्षेत्र में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच रुक-रुक कर मुठभेड़ जारी है।
बुधवार को हुई भीषण गोलीबारी में भी सुरक्षाबलों के पांच जवान घायल हुए थे, जिन्हें तत्काल एयरलिफ्ट कर रांची भेजा गया था। इसके बावजूद जवानों का हौसला कमजोर नहीं पड़ा और ऑपरेशन लगातार जारी रखा गया।

आईईडी ब्लास्ट: नक्सलियों की पुरानी रणनीति, लेकिन बढ़ता दबाव साफ

गुरुवार को किया गया आईईडी ब्लास्ट नक्सलियों की पारंपरिक रणनीति का हिस्सा जरूर है, लेकिन जिस तरह से लगातार मुठभेड़ और फायरिंग हो रही है, उससे साफ है कि वे अब रक्षात्मक स्थिति में आ गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, सुरक्षाबलों की टीम जैसे-जैसे जंगल के अंदर बढ़ रही है, वैसे-वैसे नक्सली पीछे हटते हुए बारूदी सुरंग और घात लगाकर हमले कर रहे हैं।

मिसिर बेसरा की घेराबंदी: चारों तरफ से कसता शिकंजा

पुलिस सूत्रों की मानें तो इस ऑपरेशन का मुख्य लक्ष्य कुख्यात नक्सली नेता मिसिर बेसरा है, जो लंबे समय से सुरक्षाबलों के लिए चुनौती बना हुआ है।
बताया जा रहा है कि सुरक्षाबलों ने उसे और उसके सहयोगियों को चारों तरफ से घेर लिया है और अब सर्कुलर सर्च ऑपरेशन के जरिए धीरे-धीरे शिकंजा कसा जा रहा है।
यह भी सूचना है कि उसके साथ कई अन्य शीर्ष नक्सली कमांडर भी मौजूद हैं, जिससे यह ऑपरेशन और अधिक संवेदनशील बन गया है।

नक्सल नेटवर्क सिमटकर छोटानागरा तक सीमित

अधिकारियों का कहना है कि लगातार चल रहे अभियानों के कारण सारंडा क्षेत्र में नक्सलियों की संख्या अब काफी कम हो गई है।
उनकी गतिविधियां अब मुख्य रूप से छोटानागरा थाना क्षेत्र तक सिमट गई हैं। यही कारण है कि इस बार सुरक्षाबल इस अभियान को फाइनल स्ट्राइक के रूप में देख रहे हैं।

निर्णायक ऑपरेशन की ओर बढ़ता अभियान

सुरक्षाबलों का मानना है कि अगर इस ऑपरेशन में मिसिर बेसरा को पकड़ने या मार गिराने में सफलता मिलती है, तो सारंडा जंगल में नक्सलियों की रीढ़ पूरी तरह टूट सकती है।
फिलहाल पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है। ड्रोन और आधुनिक तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि नक्सलियों की हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।

सारंडा को नक्सलमुक्त करने की दिशा में बड़ा कदम

लगातार दबाव, घेराबंदी और आक्रामक रणनीति से साफ है कि सुरक्षाबल अब किसी भी हाल में इस ऑपरेशन को अधूरा नहीं छोड़ना चाहते।
अगर सब कुछ योजना के अनुसार चलता है, तो आने वाले दिनों में सारंडा जंगल को नक्सल गतिविधियों से पूरी तरह मुक्त करने की दिशा में यह अभियान एक ऐतिहासिक सफलता साबित हो सकता है।

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सिंहभूम हलचल न्यूज़ एक स्थानीय समाचार मंच है, जो पश्चिमी सिंहभूम, झारखंड से सटीक और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए समर्पित है। यह राजनीति, अपराध, मौसम, संस्कृति और सामुदायिक मुद्दों को हिंदी में कवर करता है।

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