‘बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक कदम’ अभियान के तहत जिला प्रशासन की पहल, जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने का लक्ष्य
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन द्वारा राज्य के माननीय मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में संचालित “प्रोजेक्ट जागृति – बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक कदम” अभियान के अंतर्गत रविवार 8 जून को जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में व्यापक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस विशेष अभियान का उद्देश्य जिले में सुरक्षित एवं पर्याप्त रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना, स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति लोगों को जागरूक करना तथा जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराना है।
जिला प्रशासन के तत्वावधान में आयोजित इस अभियान को जिले भर में व्यापक जनसमर्थन मिला। प्रशासन ने युवाओं, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान कर मानवता की इस सेवा में भागीदारी निभाने की अपील की थी।

छह स्वास्थ्य केंद्रों में आयोजित हुआ शिविर
रक्तदान शिविर का आयोजन जिले के कुल छह प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में किया गया। इनमें चाईबासा सदर अस्पताल स्थित एमटीसी, अनुमंडल अस्पताल चक्रधरपुर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तांतनगर, झींकपानी, टोंटो तथा मंझारी शामिल रहे।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि जिले में रक्त की मांग लगातार बनी रहती है। दुर्घटनाओं, प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं, गंभीर बीमारियों तथा आपातकालीन परिस्थितियों में रक्त की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदान समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
एक यूनिट रक्त किसी को दे सकता है नया जीवन
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि रक्तदान केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं बल्कि मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। एक यूनिट रक्त किसी गंभीर मरीज के जीवन को बचाने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
अधिकारियों ने कहा कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प उपलब्ध नहीं है। इसलिए मरीजों की आवश्यकता को पूरा करने के लिए समाज के स्वस्थ नागरिकों का आगे आना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से “प्रोजेक्ट जागृति” के माध्यम से लगातार जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
स्वैच्छिक रक्तदान की संस्कृति विकसित करने पर जोर
जिला प्रशासन का प्रयास है कि पश्चिमी सिंहभूम में रक्त की कमी के कारण किसी मरीज को परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए विद्यालयों, महाविद्यालयों, सामाजिक संगठनों एवं विभिन्न संस्थानों के माध्यम से लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
अभियान के दौरान लोगों को यह भी बताया गया कि नियमित अंतराल पर रक्तदान करने से स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता, बल्कि यह सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

किरीबुरू के युवाओं ने पेश की मिसाल
रक्तदान अभियान के तहत पुलिस केंद्र चाईबासा में भी विशेष रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर की सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि किरीबुरू से पांच लोग लगभग 100 किलोमीटर की दूरी तय कर चाईबासा पहुंचे और स्वेच्छा से रक्तदान किया।
इन रक्तदाताओं में किरीबुरू थाना प्रभारी रोहित कुमार, पुलिस विभाग के चालक, एक सिपाही तथा किरीबुरू के दो अन्य युवा शामिल रहे। सभी ने रक्तदान कर न केवल मानवता की मिसाल पेश की, बल्कि क्षेत्र के युवाओं को भी इस पुनीत कार्य के लिए प्रेरित किया।
थाना प्रभारी ने दिया सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश
रक्तदान करने के बाद थाना प्रभारी रोहित कुमार ने कहा कि रक्तदान ऐसा महादान है, जिससे किसी अनजान व्यक्ति का जीवन बचाया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से आगे आकर नियमित रूप से रक्तदान करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि यदि स्वस्थ व्यक्ति समय-समय पर रक्तदान करें तो अस्पतालों में रक्त की कमी की समस्या काफी हद तक समाप्त हो सकती है। समाज के प्रत्येक सक्षम नागरिक को इस अभियान का हिस्सा बनना चाहिए।

मानवता और सामाजिक सहभागिता का उदाहरण बना अभियान
“प्रोजेक्ट जागृति” के अंतर्गत आयोजित रक्तदान शिविर केवल स्वास्थ्य सेवा का कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह सामाजिक जागरूकता और मानवता की भावना को मजबूत करने वाला अभियान भी साबित हुआ। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से लोगों ने इसमें भाग लेकर यह संदेश दिया कि समाज की भलाई के लिए सामूहिक प्रयास ही सबसे बड़ी शक्ति है।
प्रशासन ने सभी रक्तदाताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार के जनहितकारी अभियानों में सक्रिय भागीदारी की अपेक्षा जताई है। रक्तदान शिविर ने यह साबित कर दिया कि जब समाज और प्रशासन मिलकर कार्य करते हैं, तो किसी भी सामाजिक चुनौती का समाधान संभव है।
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