“पहले 39 माह का एरियर और लंबित सुविधाएं दें, फिर लागू करें BAMS” — सशक्त संयुक्त मोर्चा
रिपोर्ट : शैलेश सिंह/संदीप गुप्ता
सेल प्रबंधन द्वारा आगामी 15 जून 2026 से सभी नियमित कर्मचारियों के लिए प्रस्तावित बायोमेट्रिक अटेंडेंस मैनेजमेंट सिस्टम (BAMS) लागू करने के निर्णय के खिलाफ श्रमिक संगठनों का विरोध तेज हो गया है। सशक्त संयुक्त मोर्चा, गुवा ने मुख्य महाप्रबंधक को मांग पत्र सौंपकर बायोमेट्रिक व्यवस्था को तत्काल स्थगित करने की मांग की है। यूनियन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि कर्मचारियों की वर्षों पुरानी समस्याओं को अनदेखा कर यदि यह व्यवस्था जबरन लागू की गई तो व्यापक लोकतांत्रिक एवं वैधानिक आंदोलन शुरू किया जाएगा।

“लंबित समस्याओं पर चुप्पी, बायोमेट्रिक पर जल्दबाजी क्यों?”
यूनियन नेताओं का कहना है कि प्रबंधन कर्मचारियों के हितों से जुड़े गंभीर मुद्दों पर कोई ठोस पहल नहीं कर रहा है, जबकि उपस्थिति दर्ज करने के लिए नई व्यवस्था लागू करने में असामान्य तत्परता दिखाई जा रही है। उनका आरोप है कि जब तक कर्मचारियों की बुनियादी मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक BAMS लागू करना एकतरफा और असंवेदनशील फैसला माना जाएगा।
39 माह का एरियर और वेज रिवीजन सबसे बड़ा मुद्दा
मांग पत्र में कहा गया है कि खदान कर्मचारियों का 39 माह का लंबित एरियर अब तक भुगतान नहीं किया गया है। साथ ही वेतन पुनरीक्षण (वेज रिवीजन) से संबंधित एमओयू भी लंबे समय से अधर में लटका हुआ है। श्रमिक संगठनों का कहना है कि इन महत्वपूर्ण आर्थिक मामलों पर निर्णय लेने के बजाय कर्मचारियों पर नई व्यवस्थाएं थोपना उचित नहीं है।
खदान कर्मियों को स्टील प्लांट जैसी सुविधाएं देने की मांग
सशक्त संयुक्त मोर्चा ने मांग की है कि खदान क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों और उनके परिवारों को स्टील प्लांटों के कर्मचारियों के समान चिकित्सा, शिक्षा, आवास, खेलकूद और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। यूनियन का कहना है कि खदान क्षेत्रों की कठिन परिस्थितियों में कार्य करने वाले श्रमिक बेहतर सुविधाओं के हकदार हैं।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों और अवकाश नीति पर भी उठी आवाज
मांग पत्र में सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए खदान क्षेत्रों में क्वार्टर लीज नीति लागू करने की मांग की गई है। इसके अलावा सभी खदान कर्मचारियों को प्रतिवर्ष 30 अर्जित अवकाश (ईएल) देने की भी मांग उठाई गई है, ताकि कर्मचारियों को अन्य इकाइयों के समान सुविधाएं मिल सकें।
CMLO को स्वायत्तता और खदानों के लिए पृथक प्रशासनिक व्यवस्था की मांग
यूनियन ने CMLO को पूर्णतः स्वतंत्र एवं स्वायत्त प्रबंधन संरचना प्रदान करने तथा पूर्ववर्ती RMD, कोलकाता की तर्ज पर खदान क्षेत्रों के लिए पृथक प्रशासनिक व्यवस्था बहाल करने की मांग भी दोहराई है। उनका कहना है कि इससे खदानों से जुड़े निर्णय अधिक प्रभावी ढंग से लिए जा सकेंगे।
15 जून से पहले निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन
सशक्त संयुक्त मोर्चा ने प्रबंधन से आग्रह किया है कि 15 जून से प्रस्तावित BAMS व्यवस्था को तत्काल स्थगित कर कर्मचारियों की लंबित मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाए। यूनियन ने स्पष्ट किया है कि यदि कर्मचारियों की आवाज को नजरअंदाज कर बायोमेट्रिक प्रणाली को एकतरफा लागू करने का प्रयास किया गया तो श्रमिक हितों की रक्षा के लिए व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।
चार प्रमुख श्रमिक संगठन एक मंच पर
इस अवसर पर सशक्त संयुक्त मोर्चा के घटक संगठनों भारतीय मजदूर संघ, क्रांतिकारी इस्पात मजदूर संघ, झारखंड मजदूर यूनियन और सीटू के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। मांग पत्र सौंपने वालों में हेमराज सोनार, बृजभूषण लाल, समीर पाठक, लाल बाबू गोस्वामी, राकेश सुंडी, रमेश गोप सहित अनेक श्रमिक प्रतिनिधि शामिल थे।
श्रमिक राजनीति में बढ़ सकती है हलचल
बायोमेट्रिक प्रणाली को लेकर उठा यह विवाद आने वाले दिनों में गुवा खदान क्षेत्र की श्रमिक राजनीति को नई दिशा दे सकता है। यदि प्रबंधन और यूनियनों के बीच समय रहते सहमति नहीं बनती, तो 15 जून के बाद खदान क्षेत्र में आंदोलन की स्थिति बनने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।













