सात पवित्र जलाशयों के जल से महाप्रभु का महास्नान, मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल से गूंजा
गुवा संवाददाता :
देवस्नान पूर्णिमा के पावन अवसर पर गुवा स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर, गुवा में लगभग 300 वर्षों से चली आ रही धार्मिक परंपरा का विधिवत निर्वहन श्रद्धा, भक्ति और वैदिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया। इस अवसर पर भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र एवं देवी सुभद्रा का पारंपरिक साही स्नान (महास्नान) बड़े ही भव्य और आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुआ।

सदियों पुरानी परंपरा का हुआ पालन
मंदिर समिति के अनुसार देवस्नान पूर्णिमा का यह आयोजन गुवा क्षेत्र की सबसे पुरानी धार्मिक परंपराओं में से एक है, जो करीब तीन सौ वर्षों से लगातार निभाई जा रही है। हर वर्ष इस अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है और भगवान के महास्नान के साक्षी बनकर पुण्य अर्जित करती है।
सात पवित्र जलाशयों के जल से हुआ महाअभिषेक
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सात पवित्र जलाशयों से एकत्रित पवित्र जल से महाप्रभु का अभिषेक किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और घंटियों की गूंज से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठा। स्नान अनुष्ठान के दौरान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को विशेष श्रृंगार भी किया गया।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पुजारी ने कराया अनुष्ठान
पूरे स्नान अनुष्ठान को मंदिर के पुजारी जितेंद्र पंडा ने विधि-विधान के साथ संपन्न कराया। उन्होंने कहा कि देवस्नान पूर्णिमा भगवान जगन्नाथ की वार्षिक स्नान यात्रा का विशेष पर्व है, जिसके बाद भगवान कुछ दिनों के लिए अस्वस्थ माने जाते हैं और फिर रथयात्रा के दिन भक्तों को दर्शन देते हैं।
भक्तों की उमड़ी भीड़, आस्था का दिखा अद्भुत संगम
साही स्नान के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की भारी भागीदारी ने आयोजन को और भव्य बना दिया। श्रद्धालुओं के चेहरों पर भक्ति और उत्साह साफ झलक रहा था।
शाम को भजन संध्या और महाप्रसाद वितरण
मंदिर समिति ने जानकारी दी कि देवस्नान पूर्णिमा के अवसर पर शाम को मंदिर परिसर में भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा। समिति ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर धर्म लाभ लेने की अपील की।
रथयात्रा की तैयारियां भी तेज
देवस्नान पूर्णिमा के साथ ही अब आगामी रथयात्रा को लेकर मंदिर समिति की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। गुवा क्षेत्र में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा हर वर्ष विशेष आकर्षण का केंद्र होती है, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं।
देवस्नान पूर्णिमा का यह आयोजन एक बार फिर यह साबित कर गया कि गुवा की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत आज भी उतनी ही जीवंत है, जितनी सदियों पहले थी। यहाँ की यह परंपरा न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि स्थानीय संस्कृति और सामाजिक एकता की मजबूत पहचान भी है।














