तीन दिनों की लगातार बारिश बनी आफत, गुवा के लालजी हाटिंग में बड़ा हादसा टला
गुवा: गुवा थाना क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। इसी बीच लालजी हाटिंग में बुधवार देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब सड़क किनारे स्थित जीवन भेंगरा के घर पर अचानक एक विशाल पेड़ गिर पड़ा। हादसे में मकान का एक हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन संयोगवश परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित बच निकले।

आधी रात तेज धमाके से कांप उठा परिवार
पीड़ित जीवन भेंगरा ने बताया कि रात में परिवार के सभी सदस्य भोजन करने के बाद गहरी नींद में सो रहे थे। आधी रात के बाद अचानक जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। तेज आवाज से सभी की नींद खुल गई और घबराकर परिवार के लोग तुरंत घर से बाहर निकल आए।
बाहर निकलने के कुछ ही क्षण बाद उन्होंने देखा कि एक विशाल पेड़ उनके मकान पर गिर चुका है। पेड़ के भारी दबाव से घर की छत और दीवार का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।
कुछ सेकेंड की देरी पड़ सकती थी भारी
जीवन भेंगरा ने बताया कि यदि परिवार के सदस्य कुछ देर और घर के भीतर रहते तो बड़ा हादसा हो सकता था। समय रहते बाहर निकल जाने से पूरे परिवार की जान बच गई। घटना के बाद परिवार के सदस्यों में दहशत का माहौल है और वे अभी भी सदमे में हैं।
क्षतिग्रस्त घर में रहना बना जोखिम
पेड़ गिरने से मकान की संरचना कमजोर हो गई है। ऐसे में लगातार हो रही बारिश के बीच क्षतिग्रस्त घर में रहना परिवार के लिए जोखिम भरा हो गया है। बारिश का पानी भी घर के अंदर प्रवेश कर रहा है, जिससे परिवार की परेशानियां और बढ़ गई हैं।
प्रशासन से मुआवजे और सहायता की मांग
पीड़ित परिवार ने प्रशासन से क्षतिग्रस्त मकान का तत्काल सर्वे कराने, उचित मुआवजा उपलब्ध कराने तथा मकान की मरम्मत के लिए आर्थिक सहायता देने की मांग की है। परिवार का कहना है कि उनकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वे अपने दम पर घर की मरम्मत करा सकें।
लगातार बारिश से लोगों में बढ़ी चिंता
लगातार हो रही भारी बारिश के कारण गुवा और आसपास के क्षेत्रों में लोगों के बीच भय का माहौल बना हुआ है। तेज हवाओं और लगातार भीग रही जमीन के कारण बड़े पेड़ों के गिरने का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण कर जर्जर और खतरनाक पेड़ों को चिन्हित कर समय रहते हटाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से जनहानि को रोका जा सके।
यह घटना एक बार फिर इस बात की चेतावनी है कि मानसून के दौरान सुरक्षा उपायों को लेकर प्रशासन और स्थानीय स्तर पर सतर्कता बेहद जरूरी है। समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो ऐसे हादसे कभी भी बड़ी त्रासदी का रूप ले सकते हैं।














