‘अधिकारों की रक्षा और संस्कृति का सम्मान’ थीम पर आयोजित होगा भव्य समारोह
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
विश्व आदिवासी दिवस के सफल आयोजन को लेकर किरीबुरू स्थित सामुदायिक भवन में शुक्रवार को आदिवासी संयुक्त मंच, किरीबुरू-मेघाहातुबुरू की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता रोया राम चंपिया ने की। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस वर्ष विश्व आदिवासी दिवस “अधिकारों की रक्षा और संस्कृति का सम्मान” थीम के साथ पूरे हर्षोल्लास, गरिमा और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया जाएगा।

संस्कृति और परंपरा की दिखेगी झलक
बैठक में तय किया गया कि समारोह के दौरान विभिन्न जनजातीय समुदायों द्वारा पारंपरिक नृत्य, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां तथा रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही आदिवासी महापुरुषों के जीवन एवं उनके योगदान पर आधारित प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी अपने इतिहास, संस्कृति और गौरवशाली विरासत से परिचित हो सके।
कई सामाजिक संगठनों का मिलेगा सहयोग
विश्व आदिवासी दिवस का आयोजन आदिवासी संयुक्त मंच, किरीबुरू-मेघाहातुबुरू के तत्वावधान में किया जाएगा। इस आयोजन में आदिवासी कल्याण केंद्र, आदिवासी सरना समिति, संथाल एम्पलाई एसोसिएशन, उरांव-खड़िया समाज, आदिवासी हो समाज युवा महासभा, ऑल इंडिया अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अत्यंत पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कर्मचारी कल्याण समिति सहित कई सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठन सहयोग करेंगे। इसके अलावा किरीबुरू एवं मेघाहातुबुरू क्षेत्र के सभी पंचायत प्रतिनिधियों की भी सक्रिय भागीदारी रहेगी।
बैठक में बनी आयोजन की रूपरेखा
बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा, विभिन्न समितियों की जिम्मेदारियां, सांस्कृतिक आयोजनों की तैयारी तथा अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के अधिकारों, संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता को मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
ये रहे बैठक में उपस्थित
बैठक में रोया राम चंपिया, एस. होरो, बीर सिंह मुंडा, गोपी लागुरी, माधव चंद्र कोड़ा, आलोक अजय टोपनो, सानी हेस्सा, प्रभात माझी, सेरगेया अंगारिया, श्याम चंद्र टुडू, इलियस चंपिया, मुखिया पार्वती किड़ो, उपमुखिया सुमन मुंडु, पालो सोय, सूर्यमणि पुरती, फ्रांसिस मुंडा, प्रदीप चातर, बलभद्र बिरुली, मार्शल पुरती, पी.सी. माझी, शांतनु बिरुली, शांतियल भेंगरा, उम्बलन हेस्सा, सनिका गुड़िया, एलिजवेद पुरती, प्रतिमा पुरती, विनोद होनहागा, लोदरो स्वांसी, पांडु कोनगारी, बुधवा कोनगारी, विजय नाग, सपनिल, नन्दी, सोनी, अनिमा, इशिका सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।













