लगातार बारिश से सड़क पर पड़ी गहरी दरारें, गार्ड वॉल के नीचे की जमीन भी खिसकने लगी
स्थानीय लोगों में दहशत, पथ निर्माण विभाग और संवेदक की कार्यशैली पर उठे सवाल
रिपोर्ट: शैलेश सिंह / संदीप गुप्ता
बड़ाजामदा–मनोहरपुर मुख्य मार्ग पर स्थित सैडल घाटी में हाल ही में बनी सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। करीब दो महीने पहले ही पथ निर्माण विभाग द्वारा संवेदक के माध्यम से इस सड़क का निर्माण कराया गया था, लेकिन लगातार हो रही बारिश के बीच सड़क कई स्थानों पर धंसने लगी है और लंबी-गहरी दरारें उभर आई हैं। इससे सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं तथा निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

बारिश ने खोली सड़क निर्माण की गुणवत्ता की पोल
सैडल से छोटानागरा जाने वाले मार्ग पर सड़क के बीचों-बीच और किनारों पर कई स्थानों पर चौड़ी एवं लंबी दरारें दिखाई देने लगी हैं। लगातार बारिश से सड़क के नीचे की मिट्टी खिसक रही है, जिससे सड़क का आधार कमजोर होता जा रहा है। सड़क किनारे बनी गार्ड वॉल के नीचे की जमीन भी धंसने लगी है, जिससे पूरे हिस्से के कभी भी क्षतिग्रस्त होने की आशंका बढ़ गई है।
किसी भी समय हो सकता है बड़ा सड़क हादसा
यदि समय रहते मरम्मत और सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो सड़क का बड़ा हिस्सा टूटकर बह सकता है। ऐसी स्थिति में भारी वाहनों के गुजरने के दौरान बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता। बरसात के मौसम में यह खतरा और बढ़ गया है, जिससे वाहन चालकों और यात्रियों में भय का माहौल है।
झारखंड–ओडिशा को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग खतरे में
बड़ाजामदा–मनोहरपुर मुख्य मार्ग झारखंड और ओडिशा के बीच एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इसी रास्ते से प्रतिदिन भारी मालवाहक वाहन, लौह अयस्क परिवहन करने वाले ट्रक, यात्री बसें, एंबुलेंस तथा सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। सड़क की मौजूदा स्थिति न केवल आम लोगों की सुरक्षा बल्कि क्षेत्र की यातायात व्यवस्था के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बन गई है।

ग्रामीण बोले—शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
स्थानीय ग्रामीणों और वाहन चालकों का कहना है कि सड़क में दरारें पड़ने और धंसने की जानकारी संबंधित विभाग को कई बार दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों ने मांग की है कि प्रभावित हिस्से की तत्काल मरम्मत कराई जाए, मजबूत सुरक्षा दीवार बनाई जाए, बैरिकेडिंग की जाए और चेतावनी संकेतक लगाए जाएं ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
गुणवत्ता जांच की उठी मांग
सड़क की स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य की तकनीकी एवं गुणवत्ता जांच कराने की भी मांग की है। उनका कहना है कि यदि सड़क वास्तव में हाल ही में बनी है, तो इतनी कम अवधि में उसमें दरारें और धंसाव दिखाई देना गंभीर मामला है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
फिलहाल इस संबंध में पथ निर्माण विभाग या संबंधित संवेदक की आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।












