दिन में भी सताने लगे मच्छर, अस्पतालों में बढ़ रही मरीजों की संख्या
गुवा संवाददाता
लगातार हो रही बारिश के बीच गुवा, किरीबुरू और बड़ाजामदा क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ गया है। स्थिति यह है कि अब मच्छर केवल रात के समय ही नहीं, बल्कि दिन में भी लोगों को परेशान कर रहे हैं। सारंडा क्षेत्र पहले से ही मलेरिया का संवेदनशील (कोर) जोन माना जाता है। ऐसे में मच्छरों की बढ़ती संख्या ने स्थानीय लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।

बारिश के बाद बिगड़े हालात
स्थानीय लोगों के अनुसार लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर जलजमाव हो गया है। वहीं खाली पड़े भूखंडों और सड़कों के किनारे झाड़ियां उग आने से मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण बन गया है। इसका असर अब पूरे क्षेत्र में साफ दिखाई देने लगा है।
फॉगिंग और दवा छिड़काव पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि सेल प्रबंधन वर्षों से नियमित रूप से मच्छररोधी दवाओं का छिड़काव और फॉगिंग कराता रहा है, जिससे मच्छरों पर काफी हद तक नियंत्रण रहता था। लेकिन इस वर्ष मच्छरों की संख्या में अचानक भारी वृद्धि देखने को मिल रही है।
लोगों का आरोप है कि मच्छररोधी दवाओं की गुणवत्ता में कमी, नियमित फॉगिंग का अभाव, साफ-सफाई में ढिलाई तथा जलजमाव की समस्या के कारण मच्छरों का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है।
सेल प्रबंधन से युद्ध स्तर पर कार्रवाई की मांग
क्षेत्रवासियों ने सेल प्रबंधन से मांग की है कि पूरे शहर में युद्ध स्तर पर फॉगिंग, मच्छररोधी दवा का छिड़काव, झाड़ियों की सफाई और जलजमाव वाले स्थानों को तत्काल साफ कराया जाए, ताकि मलेरिया, डेंगू तथा अन्य मौसमी बीमारियों के फैलने पर समय रहते रोक लगाई जा सके।
सेल अस्पताल में बढ़ा मरीजों का दबाव
इधर, क्षेत्र में मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। गुवा सेल अस्पताल में मरीजों का दबाव बढ़ने से अधिकांश बेड भरे हुए हैं। अस्पताल में गंभीर मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है, जबकि सामान्य बीमारी से पीड़ित मरीजों को प्राथमिक उपचार और दवा देकर घर भेजा जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग और प्रबंधन के लिए बढ़ी चिंता
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मच्छरों के बढ़ते प्रकोप पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में मलेरिया सहित अन्य संक्रामक रोगों के मामलों में और तेजी से वृद्धि हो सकती है। लोगों ने प्रशासन और सेल प्रबंधन से तत्काल व्यापक अभियान चलाकर क्षेत्र को मच्छरों के प्रकोप से राहत दिलाने की मांग की है।












