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सेल, चिड़िया प्रबंधन को छह गांवों की अंतिम चेतावनी, 8 जुलाई से चक्का जाम और खदान बंद आंदोलन का ऐलान

On: July 6, 2026 12:16 PM
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स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल की मांग पर ग्रामीणों का अल्टीमेटम, सात दिनों में समाधान नहीं हुआ तो होगा उग्र जनआंदोलन

रिपोर्ट: शैलेश सिंह

सारंडा क्षेत्र के चिड़िया और गंगदा पंचायत के छह गांवों के ग्रामीणों ने स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार सहित विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान की मांग को लेकर सेल बीएसएल के मनोहरपुर आयरन ओर माइंस प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संयुक्त ग्रामसभा परिषद, चिड़िया की ओर से महाप्रबंधक (खनन) को पत्र भेजकर चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो 8 जुलाई 2026 को अंकुआ चौक पर चक्का जाम, खदान कार्य ठप, कार्यालय घेराव और व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।

वादाखिलाफी से ग्रामीणों में बढ़ा आक्रोश

संयुक्त ग्रामसभा परिषद ने पत्र में कहा है कि 4 जून 2026 को स्थानीय युवाओं को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छ पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा गया था। इसके बाद 15 जून 2026 को क्षेत्रीय विधायक जगत माझी की उपस्थिति में प्रबंधन के साथ बैठक हुई थी, जिसमें समस्याओं के समाधान के लिए शीघ्र बैठक बुलाने और सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया गया था।
ग्रामीणों का आरोप है कि आश्वासन के बावजूद आज तक न तो ग्राम प्रधानों (मुंडाओं) को वार्ता के लिए बुलाया गया और न ही किसी मांग पर कोई ठोस निर्णय लिया गया। इससे क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं और ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।

सात दिनों का अल्टीमेटम पूरा

संयुक्त ग्रामसभा परिषद ने प्रबंधन को अंतिम रूप से सात दिनों का समय देते हुए कहा था कि यदि इस अवधि में वार्ता कर रोजगार और अन्य जनहित के मुद्दों पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। लेकिन ये समय पूरा हो गया लेकिन कुछ नहीं हुआ।

8 जुलाई से चक्का जाम और खदान बंद करने की चेतावनी

ग्रामीणों ने घोषणा की है कि 8 जुलाई 2026 को सुबह 10 बजे से मुख्य सड़क पर चक्का जाम किया जाएगा। इसके साथ ही खदान कार्य ठप कराने, कार्यालय का घेराव करने तथा बड़े पैमाने पर जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। परिषद ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की पूरी जिम्मेदारी सेल प्रबंधन और संबंधित प्रशासन की होगी। टिमरा गांव के मुंडा गाजी सुरीन ने बताया कि इस मामले को लेकर प्रबंधन और प्रशासन को पत्र दिया जा चुका है।

‘अब आश्वासन नहीं, अधिकार चाहिए’

संयुक्त ग्रामसभा परिषद ने कहा है कि स्थानीय जनता अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होगी। क्षेत्र के युवाओं को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं पर तत्काल कार्रवाई की अपेक्षा है। यदि मांगों की लगातार अनदेखी की गई तो आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं निर्णायक स्वरूप दिया जाएगा।
ग्रामीणों ने प्रबंधन से जनहित में अविलंब पहल करते हुए वार्ता बुलाने और लंबित मांगों का समाधान सुनिश्चित करने की अपील की है।

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