पेवर ब्लॉक, गेट और सफाई व्यवस्था के बावजूद बाजार में हर ओर कचरा व गोबर, राहगीरों और ग्राहकों का चलना हुआ मुश्किल।
महाप्रबंधक योगेश प्रसाद राम की दो टूक अपील—बाजार को स्वच्छ रखना सभी की जिम्मेदारी, शौचालय का करें उपयोग।
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
सेल, मेघाहातुबुरु प्रबंधन ने मीना बाजार को स्वच्छ, व्यवस्थित और आकर्षक बनाने के उद्देश्य से बाजार परिसर का सौंदर्यीकरण कराया है। पूरे परिसर में पेवर ब्लॉक बिछाए गए हैं तथा मुख्य प्रवेश द्वार पर आकर्षक गेट भी लगाया गया है, ताकि बाजार की पहचान बेहतर हो और साफ-सफाई बनी रहे। लेकिन प्रबंधन की इस पहल पर कुछ दुकानदारों की लापरवाही भारी पड़ती नजर आ रही है।

सफाई व्यवस्था के बावजूद फैल रही गंदगी
बाजार में जगह-जगह कचरा, गोबर और अन्य गंदगी का अंबार लगा हुआ है। कई दुकानदार अपने प्रतिष्ठानों का कचरा निर्धारित स्थान पर डालने के बजाय सड़क किनारे और खुले स्थानों पर फेंक रहे हैं। इससे पूरे बाजार का वातावरण दूषित हो रहा है और ग्राहकों व राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
रोज पहुंचती है कचरा ट्रॉली, फिर भी नहीं बदल रही आदत
सेल के सिविल विभाग की ओर से प्रतिदिन कचरा संग्रहण के लिए ट्रॉली बाजार में पहुंचती है, ताकि दुकानदार आसानी से अपना कचरा उसमें डाल सकें। इसके बावजूद कई लोग सुविधा का लाभ लेने के बजाय जहां-तहां कचरा फेंककर गंदगी फैलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि समस्या संसाधनों की नहीं, बल्कि जागरूकता और जिम्मेदारी की है।

स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा
बरसात के मौसम में खुले में फैली गंदगी और गोबर से मच्छरों तथा अन्य बीमारी फैलाने वाले जीवाणुओं के पनपने का खतरा बढ़ जाता है। यदि समय रहते स्थिति नहीं सुधरी तो मलेरिया, डेंगू और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
महाप्रबंधक की अपील—’स्वच्छ बाजार, सबकी जिम्मेदारी’
मेघाहातुबुरु के महाप्रबंधक योगेश प्रसाद राम ने मीना बाजार में फैली अव्यवस्थित गंदगी पर चिंता जताते हुए दुकानदारों और आम नागरिकों से सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि बाजार को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना केवल प्रबंधन का नहीं, बल्कि प्रत्येक दुकानदार और नागरिक का भी दायित्व है।
उन्होंने दुकानदारों से आग्रह किया कि वे सप्ताह में कम-से-कम एक दिन सामूहिक रूप से पूरे बाजार परिसर की साफ-सफाई करें, कचरा केवल निर्धारित ट्रॉली में ही डालें तथा खुले में शौच करने से बचते हुए शौचालय का ही उपयोग करें।

सवाल यही है…
जब सेल प्रबंधन बाजार को सुंदर और स्वच्छ रखने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है, तो क्या दुकानदार और आम नागरिक अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे, या फिर लापरवाही के कारण मीना बाजार की पहचान गंदगी से ही होती रहेगी?













