बाल श्रम, बाल विवाह और मानव तस्करी के खिलाफ भी दी गई महत्वपूर्ण जानकारी
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
किरीबुरू। बच्चों और किशोरों को बढ़ते साइबर अपराध से बचाने तथा उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से किरीबुरू थाना पुलिस की ओर से जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान किरीबुरू थाना अंतर्गत उत्क्रमित उच्च विद्यालय, प्रोस्पेक्टिंग के छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध से बचाव के विभिन्न उपायों की जानकारी दी गई।

साइबर अपराध से बचने के बताए उपाय
किरीबुरू थाना प्रभारी रोहित कुमार के नेतृत्व में विद्यालय परिसर में साइबर अपराध से संबंधित जागरूकता बैनर लगाए गए। पुलिस पदाधिकारियों ने बच्चों को समझाया कि वर्तमान समय में मोबाइल फोन और इंटरनेट का उपयोग बढ़ने के साथ साइबर अपराध के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसे में किसी अनजान व्यक्ति के फोन, मैसेज, लिंक या सोशल मीडिया संदेश पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए।
बच्चों को बताया गया कि किसी भी व्यक्ति के साथ ओटीपी, एटीएम पिन, बैंक संबंधी जानकारी, पासवर्ड या निजी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध ऐप डाउनलोड करने और सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से संपर्क करने से भी बचना चाहिए।
पुलिस ने विद्यार्थियों से कहा कि यदि किसी प्रकार का साइबर अपराध या ऑनलाइन ठगी का प्रयास होता है तो घबराने के बजाय तत्काल अपने अभिभावक, शिक्षक या पुलिस को इसकी जानकारी दें।

बाल श्रम और बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता
अभियान के दौरान बच्चों को बाल श्रम और बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में भी जानकारी दी गई। पुलिस ने बताया कि कम उम्र में बच्चों से मजदूरी करवाना उनके शिक्षा और भविष्य के अधिकारों का हनन है। इसी प्रकार कम उम्र में विवाह बच्चों के शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
बच्चों से कहा गया कि यदि उनके आसपास किसी नाबालिग को जबरन मजदूरी कराई जा रही हो या कम उम्र में विवाह कराने का प्रयास किया जा रहा हो तो इसकी सूचना विश्वसनीय व्यक्ति, विद्यालय या पुलिस तक पहुंचाएं।
मानव तस्करी से बचने की दी गई जानकारी
सारंडा जैसे ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में मानव तस्करी के खतरे को देखते हुए पुलिस ने बच्चों को विशेष रूप से सतर्क किया। उन्हें समझाया गया कि अनजान लोगों द्वारा नौकरी, बेहतर शिक्षा या अच्छे भविष्य का झांसा देकर कहीं ले जाने के प्रयासों से सावधान रहें।
पुलिस ने बच्चों से कहा कि बिना अभिभावकों की जानकारी के किसी अनजान व्यक्ति के साथ बाहर नहीं जाएं और किसी प्रकार का संदेह होने पर तत्काल अपने माता-पिता, शिक्षक या पुलिस को जानकारी दें।

शिक्षा को बताया बेहतर भविष्य की कुंजी
जागरूकता अभियान में विद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय आने, मन लगाकर पढ़ाई करने और शिक्षा को अपने भविष्य की मजबूत नींव बनाने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि शिक्षा के माध्यम से बच्चे अपने अधिकारों को समझ सकते हैं और समाज में होने वाले अपराधों तथा गलत गतिविधियों से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।
बच्चों ने भी लिया जागरूक रहने का संकल्प
अभियान के दौरान छात्र-छात्राओं ने पुलिस द्वारा दी गई जानकारी को गंभीरता से सुना और साइबर अपराध सहित बाल श्रम, बाल विवाह तथा मानव तस्करी के खिलाफ जागरूक रहने का संकल्प लिया। थाना प्रभारी रोहित कुमार ने बच्चों से कहा कि पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय से ही अपराधों पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाया जा सकता है।
इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। पुलिस के इस जागरूकता अभियान की विद्यालय परिवार एवं स्थानीय लोगों ने सराहना की।














